जॉनसन को झटका, संसद रद्द करने के फैसले को कोर्ट ने बताया गैरकानूनी

  •  तीन जजों के पैनल ने क्रॉस पार्टी ग्रुप के हक में फैसला सुनाया
  • ब्रिटेन को 31 अक्टूबर तक यूरोपीय संघ (ईयू) छोड़ना है

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को एक और झटका लगा है. इस हफ्ते से लेकर 14 अक्टूबर तक संसद को सस्पेंड करने के फैसले को स्कॉटलैंड की सर्वोच्च अदालत ने बुधवार को ‘गैरकानूनी’ ठहरा दिया. स्कॉटलैंड के कोर्ट ऑफ सेशन में तीन जजों के पैनल ने क्रॉस पार्टी ग्रुप के हक में फैसला सुनाया, जिन्होंने जॉनसन के फैसले को चुनौती दी थी.

बोरिस जॉनसन ने इसी हफ्ते ब्रेग्जिट वोटों में हार के बीच ब्रिटिश संसद को भंग कर दिया था. कोर्ट ने कहा कि संसद को रद्द करने का फैसला उसे निष्फल करने के गलत मकसद से लिया गया था. कोर्ट का पूरा आदेश शुक्रवार को जारी होगा. इसी फैसले के साथ कोर्ट ने अपने पिछले हफ्ते का आदेश भी पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि बोरिस जॉनसन ने कोई कानून नहीं तोड़ा है. बता दें कि पिछले महीने बोरिस जॉनसन के संसद को भंग करने के फैसले को इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ ने मंजूरी दे दी थी.

ब्रिटिश सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि हम कोर्ट के इस फैसले से निराश हैं. हम ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे. उन्होंने कहा, यूके सरकार को एक मजबूत घरेलू विधायी एजेंडा लाने की जरूरत है और इस काम के लिए संसद को स्थगित करना कानूनी और जरूरी कदम है. हालांकि, कोर्ट के इस फैसले से संसद का सस्पेंशन बहाल नहीं होगा. क्योंकि कोर्ट ने अपने फैसले में संसद के सस्पेंशन को रद्द नहीं किया है.

अगले मंगलवार को अब सुप्रीम कोर्ट में पूर्ण सुनवाई होगी. ब्रिटिश सांसद 14 अक्टूबर तक संसद में नहीं लौट सकते क्योंकि पहले संसद में इंग्लैंड की महारानी का भाषण होगा, जिसमें बोरिस जॉनसन की विधायी योजना के बारे में बताया जाएगा. गौरतलब है कि ब्रिटेन को 31 अक्टूबर तक यूरोपीय संघ (ईयू) छोड़ना है.  

Source – Aaj Tak