पृथ्वी को लाइफ लाइन देंगे कोहली? मयंक के साथ बनी रहेगी जोड़ी!

  • न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच 29 फरवरी से
  • सीरीज का पहला टेस्ट 10 गंवाया है टीम इंडिया ने

न्यूजीलैंड दौरे में ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी ने पृथ्वी शॉ की कमजोरियों को उजागर कर दिया, लेकिन भारतीय कप्तान विराट कोहली उनकी तकनीक में किसी भी तरह के सुधार करने के प्रयास से पहले ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति अपनाने के लिए तैयार हैं. पृथ्वी शॉ की बात करें तो 29 फरवरी से क्राइस्टचर्च में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में उनकी जगह नहीं बनती.

वेलिंग्टन टेस्ट की पहली पारी में पृथ्वी शॉ ने 16 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में वह 14 रन बनाकर आउट हो गए थे. दूसरे टेस्ट मैच में पृथ्वी शॉ की जगह शुभमन गिल को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की मांग भी उठ रही है. बावजूद इसके पृथ्वी शॉ की जगह खतरे में नजर नहीं आ रही, क्योंकि कप्तान विराट कोहली उन्हें दूसरे टेस्ट में भी एक मौका और दे सकते हैं.

पृथ्वी की कमजोरियां हुईं उजागर

दरअसल, इस युवा सलामी बल्लेबाज के आउट होने में विराट को एक जैसा तरीका नजर नहीं आया. यह 20 साल का बल्लेबाज न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में पहले टेस्ट में 16 और 14 रन ही बना पाया और विशेषज्ञों को उनकी बल्लेबाजी में कुछ कमजोरियां नजर आई. भारत ने दो मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट 10 विकेट से गंवाया था.

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पृथ्वी शॉ को मिला कप्तान का साथ

कोहली ने पहले टेस्ट मैच की समाप्ति के बाद शॉ के आउट होने के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘मेरा मानना है कि उसके आठ या दस बार इसी तरह से आउट होने के बाद हम बैठकर इस पर विश्लेषण कर सकते हैं. मुझे नहीं लगता कि यह ऐसे खिलाड़ी के साथ न्याय होगा जो पहली बार विदेशी सरजमीं पर खेल रहा है और घरेलू धरती पर खेलने की तुलना में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग तरह के गेंदबाजी आक्रमण का सामना कर रहा हो.’

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कप्तान कोहली ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इस स्तर पर हमें इस बारे में चर्चा करने की जरूरत है कि क्या गलत हुआ क्योंकि मुझे कुछ भी गलत नजर नहीं आया. वह केवल चीजों पर सही तरह से अमल नहीं कर पाया था.’

शॉ की बैकलिफ्ट सबसे बड़ी …

भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों में शॉ की बैकलिफ्ट सबसे बड़ी है और जब भी न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने शॉर्ट पिच गेंदें कीं, तब उन्हें परेशानी हुई. स्कॉट कुग्गेलैन ने हेमिल्टन में अभ्यास मैच की पहली पारी में यही रणनीति अपनाई, जबकि वेलिंग्न टेस्ट की दूसरी पारी में बोल्ट ने इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया.

कोहली ने अपने जूनियर साथी के बारे में कहा, ‘एक बल्लेबाज के तौर पर मेरा मानना है कि जब तक आप एक ही गलती सात या आठ बार नहीं दोहराते तब आपको इसको लेकर बहुत अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं है.’

Source – Aaj Tak