संसदीय समिति से बाहर होने पर बोले थरूर- परंपरा तोड़ रही सरकार

  • मुख्य विपक्षी दल को सौंपा जाता रहा है विदेश मंत्रालय की स्टैंडिंग कमेटी का अध्यक्ष पद
  • मगर एनडीए सरकार ने इस परंपरा को तोड़ते हुए सत्ताधारी दल को सौंपी ये जिम्मेदारी

17वीं लोकसभा के लिए संसद की स्थायी समितियों का गठन किया गया है. लेकिन इस बार वित्त और विदेश मंत्रालय से जुड़ी स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्षता कांग्रेस को नहीं सौंपी गई है. पिछली लोकसभा में इन स्टैंडिंग कमेटियों की अध्यक्षता कांग्रेस कर रही थी. स्थायी समिति की अध्यक्षता नहीं सौंपे जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति भी जताई है.

शशि थरूर ने ट्वीट किया, ‘यह आधिकारिक है: सरकार ने विदेश मामलों की समिति की अध्यक्षता करने वाले प्रमुख विपक्षी दल की परंपरा को समाप्त करने का निर्णय लिया है. जाहिर तौर पर अब बीजेपी सांसद इसके बजाय बीजेपी सरकार को जवाबदेह ठहराएंगे. एक परिपक्व लोकतंत्र के रूप में हमारी नरम शक्ति, छवि और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को एक और झटका लगा है.’

शशि थरूर ने कहा, ‘संसद के स्थायी समितियों के पूरे इतिहास में, विदेश मामलों पर समिति का नेतृत्व हमेशा लोकसभा में विपक्षी सांसद द्वारा किया जाता रहा है. हमारी विदेशी नीति की परंपरा अद्वीतीय है. हमारे राजनीतिक मतभेद देश की सीमाओं पर ही रुकने खत्म हो जाने चाहिए. यह निराशाजनक है.’

 

बहरहाल, 16वीं लोकसभा में कांग्रेस सांसद वीरप्पा मोइली वित्तीय मामलों पर बनी स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्षता कर रहे थे, जबकि शशि थरूर विदेश मामलों बनी स्टैंडिंग कमेटी यानी स्थायी समिति के अध्यक्ष थे. इस बार इन दोनों अहम कमेटियों की अध्यक्षता बीजेपी सांसदों को दी गई है. हजारीबाग से बीजेपी सांसद जयंत सिन्हा को वित्त जबकि पी पी चौधरी को विदेश मंत्रालय से जुड़ी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है.

लोकसभा सचिवालय ने संसद की स्टैंडिंग कमेटी से जुड़ी जानकारी शुक्रवार देर रात जारी की है. तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से चुनाव जीतने वाले शशि थरूर को इस बार आईटी मंत्रालय से जुड़ी समितियों का अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं आनंद शर्मा को गृह मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है.

रक्षा मंत्रालय की समिति में राहुल गांधी

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी रक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति के सदस्य नियुक्त किए गए हैं. बीजेपी सांसद जुएल ओरांव रक्षा मामलों पर बनी संसदीय समिति के अध्यक्ष होंगे. राहुल गांधी पिछली लोकसभा में विदेश मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति के सदस्य थे.

टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन पिछली लोकसभा में ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और संस्कृति पर बनी संसदीय समिति की अध्यक्षता कर रहे थे, इस बार इस समिति की अध्यक्षता हाल ही में टीडीपी से बीजेपी में आने वाले सांसद टीजी वेंकटेश को सौंपी गई है. टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को मानव संसाधन विकास पर बने कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है. इस कमेटी की अध्यक्षता बीजेपी सांसद सत्यनारायण जटिया करेंगे.

स्टैंडिंग कमेटी की सदस्यता या अध्यक्षता की जिम्मेदारी सरकार की सिफारिश पर लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के चेयरमैन द्वारा सौंपी दी जाती है.

नुसरत जहां को मिली अहम जिम्मेदारी

पहली संसद पहुंची बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और टीएमसी सांसद नुसरत जहां को संसद में अहम जिम्मेदारी दी गई है. नुसरत जहां को जल संसाधन मामलों पर बनी संसदीय कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है. इस कमेटी की अध्यक्षता बीजेपी सांसद संजय जायसवाल करेंगे.

भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रेलवे पर बनी कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है. इस कमेटी में फारुक अब्दुल्ला भी रहेंगे. इस कमेटी की अध्यक्षता बीजेपी सांसद राधा मोहन सिंह करेंगे.

Source – Aaj Tak